एक अध्ययन के अनुसार दक्षिण अफ्रीका के कार्यपालक वर्ग अपने कर्मचारियों को नई भूमिकाओं के लिए कुशल बना रहे हैं
Jun 18, 2018
एक अध्ययन के अनुसार दक्षिण अफ्रीका के कार्यपालक वर्ग अपने कर्मचारियों को नई भूमिकाओं के लिए कुशल बना रहे हैं

मर्सर कंसल्टिंग ने वर्ष 2018 के लिए अपनी 'ग्लोबल टेलेंट ट्रेंड्स स्टडी' को जारी किया  
इस वर्ष के अध्ययन में पूरी दुनिया के 800 व्यावसायिक कार्यपालक वर्ग, 1,800 मानव संसाधन कर्मियों और 21 उद्योगों तथा 44 देशों के 5,000 से अधिक कर्मचारियों से सूचनाएं एकत्र की गई हैं।

इस वर्ष के अध्ययन का मुख्य केंद्र बिंदु कंपनियाें की नये बाजार की स्थिति के अनुसार स्वंय को तुरंत बदलने की क्षमता पर आधारित था। मर्सर कंसल्टिंग साउथ अफ्रीका की प्रधान सलाहकार निकोल मुलिंस ने कहा कि इस महाद्वीप का गहन अध्ययन करने के दौरान यह पता चला कि जिन देशों ने डिस्रप्शन वेव को स्वीकार किया है, वे अन्य देशों की तुलना में बेहतर हैं।

"उदाहरण के लिए, इथियोपिया की पिछ्ले पच्चीस वर्षों में काफी वृद्धि हुई है, चूंकि उन्होंने निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए अपनी सीमियों को खोल दिया था।

उन्होंने कहा कि, "अफ्रीका में दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में, विदेशी प्रत्यक्ष निवेशकों ने देश के भीतर कम श्रम लागत के साथ उपभोक्ता बाजार की बड़ी क्षमता को स्वीकार किया है। इसका अन्य उदाहरण रवांडा देश है, जिसने प्रौद्योगिकी और स्मार्ट शहरों के परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश किया है। "

मुलिन्स ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार इन देशों के बीच इतनी समानता है, कि वे तेज़ी से कारोबार में होने वाले परिवर्तन को अपना रहे हैं। इस रिपोर्ट में यह पता चला है कि दक्षिण अफ्रीका की 99 प्रतिशत कंपनियां अगले दो वर्ष में संगठन को फिर से डिजाइन करने की योजना बना रहे हैं जबकि 46 प्रतिशत मानव संसाधन कार्यपालक वर्ग वर्तमान कर्मचारियों को नई भूमिकाओं के लिए तैयार करने के प्रति आश्वस्त हैं। इसके बावजूद, केवल 12 प्रतिशत दक्षिण अफ्रीकी कार्यपालक वर्ग ने कहा कि उनकी कंपनियां ‘चेंज ऐजल’ हैं।

नई नौकरियां : लेकिन, बदलने की क्षमता का केवल स्थानीय सरोकार नहीं है क्योंकि 53 प्रतिशत कार्यपालक वर्ग का यह मानना ​​है कि अगले पांच वर्ष में उनके संगठन में पांच में से कम-से-कम एक भूमिका नहीं रहेगी। लेकिन, केवल 40 प्रतिशत ऑनलाइन लर्निंग कोर्स को अपना रहे हैं और केवल 26 प्रतिशत सक्रिय रूप से अपने कारोबार के अंदर बारी-बारी से कामगारों को बदल रहे हैं।

मुलिन्स ने कहा कि, "एक समाधान के रूप में, अफ्रीका के देशों को उन संभावनाओं का पता लगाना चाहिए, जो राजस्व प्राप्त करने वाले अन्य उद्योगों के समीप हैं। ”

"उदाहरण के लिए, पिछ्ले समय में युद्ध ग्रस्त लिबेरिया पर्यटन के अधिक अवसरों को खोल सकता था। दुबई ने इस प्रकार के अवसरों को प्रमुख तेल बाजार की बजाय पर्यटन बाजार की दिशा में बढ़कर प्राप्त किया है।"

" मुख्य रूप से नवप्रवर्तन और कौशल विकास के प्रति अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी। 'मैनजिंग ए पाइपलाइन ऑफ टेलेंट’ का सिद्धांत काफी कमजोर होता जा रहा है; यह प्लेटफार्म ऐसी कौशल मांग सृजित करके वैकल्पिक महत्वकांक्षाओं की संभावना का अवसर प्रदान करता है, जिससे भविष्य में कारोबार की मांग के साथ ताल-मेल बैठाया जा सके। ”

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